"एजुकेशन जीवन की तैयारी नहीं, यह अपने आप में ही एक जीवन है।" इस ब्लाग में हम शिक्षा के संबंध में कुछ प्रमुख जानकारी देने का प्रयास कर रहे है। We are provided some important educational Resources. please comment.

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II PUC HINDI

 Dear  II PUC Students,

Here you can find some hindi subject related resources like Notes , Question bank, Model question paper etc, you can download and use these materials.

द्वितीय पि.यू .सी विध्यार्थियों,

यहाँ अपके हिंदी विषय से संबंध में कुछ सामग्री दी गई है । जैसे पाठ का टिप्पणी, प्रशनॊत्तर , आदि।

आप इसे डाउनलोड कर सकते है। आप  इसका लाभ अवशय उठाएँ।

 द्वितीय पी़यूसी हिन्दी (प्रशनोत्तर) second year puc hindi

I. One Word Questions:
    एक वाक्य में उत्तर लिखिए।

1.सीधे-साधे किसान धन आते ही किस और झुकता है?

उत्तर: सीधे-साधे किसान धन आते ही धर्म और कीर्ति के और झुकता है।


2.कानूनगो इलाके में आते तो किसके चौपाल में ठहरते?

उत्तर:कानूनगो इलाके में आते तो सुजान महतो के चौपाल में ठहरते।


3.सुजान ने गांव में क्या बनवाया?

उत्तर:सुजान ने गांव में एक कुआं बनवाया।


4.सुजान के बड़े बेटे का नाम लिखिए।

उत्तर: सुजान के बड़े बेटे का नाम भोला था।


5.सुजान के छोटे बेटे का नाम क्या था?

 उत्तर:सुजान के छोटे बेटे का नाम शंकर था।


6.कौन द्वार पर आकर चिल्लाने लगा?

 उत्तर:भिक्षुक द्वार पर आकर चिल्लाने लगा।


7.बुढ़ापे में आदमी की क्या मारी जाती है?

उत्तर:बुढ़ापे में आदमी की बुद्धि मारी जाती है।


8.घर में किसका राज होता है?

उत्तर:घर में उसी का राज होता है जो कमाता है।


9.कटिया का ढेर देखकर कौन दंग रह गई ?

उत्तर:कटिया का ढेर देखकर बुलाकी दंग रह गई ।


10.सुजान के गोद में सिर रखें किसको अकथनीय सुख मिल रहा था?

उत्तर:बैलों को सुजान के गोद में सिर रखकर अकथनीय सुख मिल रहा था।


11.भिक्षुक के गांव का नाम लिखिए।

उत्तर:भिक्षुक के गांव का नाम अमोला है।


12.3 वर्ष लगातार कौन सी फसल लगती गई?

उत्तर:3 वर्ष लगातार भूख की फसल लगती गई ।


13.सत्कार्य में बाधा डालने से क्या बिगड़ता है?

उत्तर:सत्त्कार्य में बाधा डालने से अपनी ही मुक्ति बिगड़ती है।


14.भगत बनने के बाद सबसे बड़ी बात क्या है?

उत्तर:भगत बनाने के बाद झूठ का त्याग देना पड़ता है।


15.सुजान के हाथों से धीरे-धीरे क्या छीने जाने लगा?

उत्तर:सुजान के हाथों में से धीरे-धीरे अधिकार छीने जाने लगा।


16.शंकर क्या भरकर लाया?

उत्तर:शंकर नारियल भरकर लाया।


17.सुजान ने रुपए पैसे के लेनदेन किसके हाथ में दे रखा था?

उत्तर:सुजान ने रुपए पैसे के लेन देन अपनी पत्नी बुलाकी के हाथ दे रखा था।


18.सुजान को कितने महीने का अविरल प्रयत्न का फल मिल गया?

उत्तर:सुजान को आठ महीने का अविरल प्रयत्न का फल मिल गया ।


19.किसने बोला को परास्त कर दिया था?

उत्तर:वृद्ध पिता ने भोला को परास्त कर दिया था ।



II.दो तीन वाक्य में उत्तर लिखिए।

1.सुजान महतो की संपत्ति बड़ी तो क्या करने लगा? सुजान महत्व की संपत्ति बड़ी तो उनके चित्ता की वृत्ति

उत्तर:धर्म की ओर झुक पड़ी। साधु संतों का आदर सत्कार होने लगा। द्वार पर धूनी जलने लगी। कानूनागो इलाके में आते तो सुजान की चौपाल में ठहरते। हलके के हेड कांस्टेबल, थानेदार, शिक्षा विभाग के अफसर यहां तक कि बड़े-बड़े हाकिम भी उसके चौपाल में आकर ठहरने लगे। घर में भजन भाव होता सत्संग होता। सुजान ने गांव में एक पक्का कुआं बनवा दिया। इस तरह का काम गांव में किसी ने नहीं किया सुजान ने कर दिखाया।


2.घर में सुजान भगत का अनादर कैसे हुआ?

उत्तर:सुजान महत्व सुजान भगत बनने के बाद धार्मिक औसत कार्य करने लगे। घर के मामलों में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाते थे। इसलिए घरवालों के नजरों में गिर गए । सुजान के हाथों से धीरे-धीरे अधिकार छीने जाने लगे । किस खेत में क्या बोना है, किसको क्या देना है किस से क्या लेना है किस चीज क्या भाव बिकी ऐसी महत्वपूर्ण बातों में भी सुजान महतो की सलाह ना ली जाती थी । उनके दोनों जवान बेटे बातों बातों में उन पर फब्तियां कसते । उनकी पत्नी बुलाकी भी बेटों की पक्ष में थी। हद तब हो गई जब वे भिक्षुक को दान देने की स्वतंत्रता भी खो चुके । गांव भर में सुजान का मान सम्मान बढ़ता था और अपने घर में उनका मान सम्मान घटता जा रहा था।


 3.सुजान भगत पेड़ के नीचे बैठकर क्या सोचता था?

 उत्तर:जब धीरे-धीरे उसके घर में सारा अधिकार छीने जाने लगा तब सुजान भगत पेड़ के नीचे बैठकर सोचने लगा की उसके ही घर में उसका आना दार हो रहा है। अभी वह अपाहिज नहीं है, हाथ पांव थके हुए नहीं है घर का कुछ ना कुछ काम वह करता रहता है? उसी ने वह घर बनाया था । सारी विभूति उसी का श्रम का फल है पर अब उस पर उसका कोई अधिकार नहीं। अब वह दरवाजे पर कुत्ते जैसा है।पडा रहता है। घरवाले जो रूखा-सूखा दें वहीं खाकर पेट भर लिया करें। ऐसे जीवन को वह धिक्कारती है। ऐसे घर में वह रह नहीं सकता।


4.सुजान भगत को सबसे अधिक क्रोध अपनी पत्नी बुलाकी पर क्यों आता है?

उत्तर:सुजान भगत को सबसे अधिक क्रोध अपनी पत्नी बुलाकी से आता है क्योंकि वह भी लड़कों के साथ देती है। लड़कों को मालूम नहीं कि उसने कितने परिश्रम से 

 गृहस्ती जोड़ी है लेकिन सुजान को यह सब मालूम है।

सुजान ने दिन को दिन और रात को रात नहीं समझा। इतनी कड़ी मेहनत की।  भादों की अंधेरी रात में मढैया लगाके जुआर की रखवाली करता था। जेठ बैसाखी की दोपहरी में दम नहीं लेता था। अब उसी घर मे उसे इतना भी अधिकार नहीं कि वह भीक तक दे सकें। सुजान ने कभी न उसे मारा, न पैसे की कमी की। बीमारी में उसे वैद्य के पास ले जाता। अब उसे उसके बेटे ही सब कुछ लगते हैं।


5.चैत के महीनों में खलीहानों में सतयुग के राज का वर्णन कीजिए।

उत्तर:चैत के महीने में जगह जगह अनाज के ढेर लगते हैं। वही समय होता है जब किसानों की भी थोड़ी देर के लिए अपना जीवन सफल मालूम होता है। अच्छी फसल बड़ी देखकर कटाई कर जब वह अनाज के ढेर को लगा देते हैं तब गर्व से उनका ह्रदय उछलने लगता है। सुजान भी टोकरी में अनाज भर भर कर देते और उसके दोनों लड़के वह घर में रख आते। भाट और भिक्षुक तब भीख मांगने आते। तब खलिहान में सचमुच सतयुग का राज होता है।


6.सुजान भगत भिक्षुक को कैसे संतुष्ट करता है?

उत्तर:एक बार निराश होकर लौटे शिक्षकों को सुजान कहते हैं के उस ढेरे से जितना अनाज उठाकर ले जा सको ले जाओ। भिक्षुक ने पहले 10 सेर अनाज अपने चादर में भरा लेकिन सुजान ने कहा यह तो छोटा बच्चा भी उठा लेगा। सुजान उस चादर में खुद इतना अनाज भरा उस गठरी हिली नहीं। तब  सुजान ने पता कराया कि वह अमोला मैं रहता है फिर गठरी खुद अपने सिर पर उठाकर भिक्षुक के पीछे चला गया। इस तरह सुजान ने भिक्षुक को संतुष्ट कराया।


7.सुजान भगत अपना खोया हुआ अधिकार फिर एक बार कैसे प्राप्त करता है?

उत्तर:बेटे और पत्नी से जो अनादर हुआ, उससे सुजान बहुत ही चिंतित था उसे लगा कि अब तक जिस घर में राज किया उसी घर में पराधीन बनकर वह नहीं रह सकता। उसे अधिकार चाहिए। वह उस घर में दूसरों का अधिकार नहीं देख सकता। मंदिर का पुजारी बनकर नहीं रह सकता। उसी क्षण से वह कठिन परिश्रम करने लगा। रात भर बैलों का चारा काटता रहा। सुबह तक कटिया का पहाड़ खड़ा कर दिया। सवेरे ही हल लेकर खेत में पहुंचा। भोला जब किसानों के साथ हल लेकर खेत में पहुंचा तब सुजान आधा खेत जोत चुका था। दोपहर में भी विश्राम नहीं किया । डांड फेंकना अनाज बोना खेत की सुरक्षा आदि इस प्रकार 8 महीने निरंतर परिश्रम किया। खेत ने सोना उगल दिया । बखारी में अनाज रखने के लिए जगह ना रही । इस तरह सुजान ने अपना खोया हुआ अधिकार फिर एक बार प्राप्त कर लिया।




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